आइफ़िल टावर की सैर

पिछले वर्ष अरुण एवं बन्दना की पेरिस यात्रा पर आधारित पेरिस पहुंचने के तीन दिन बाद हमारा पड़ाव था आइफ़िल टावर। भारत में उस दिन (22 अक्टूबर) नवरात्रि के त्योहार का नौवां दिन था। सोशल मीडिया पर दुर्गा पूजा के चहल-पहल की खबरें आ रही थीं। पटना के पूजा पंडालों में लोगों की भीड़ उमड़नेContinue reading “आइफ़िल टावर की सैर”

पेरिस का ब्यूट शौमों पार्क

ब्यूटी शौमों पार्क जिसकी सुन्दरता के पीछे छुपी है उसकी कुरूपता और उसका भयावह इतिहास 19 अक्टूबर को हम पेरिस पहुंचे। शाम को करीब आठ बजे। पेरिस हवाई अड्डे पर हमारे लिए सब कुछ नया था। नयी जगह, नये लोग और नयी भाषा। हिंदी हमसे पहले ही दूर हो चुकी थी। अंग्रेजी का विकल्प अभीContinue reading “पेरिस का ब्यूट शौमों पार्क”

पेरिस यात्रा: दूसरा दिन

पेरिस में हमारा अगला पड़ाव था पौम्पिडू सेंटर। इस सेंटर के बारे में पहले से मुझे कोई जानकारी नहीं थी। मैंने जानने की कोशिश भी नहीं की थी। 19 अक्टूबर 2023 की शाम हम नई दिल्ली से 12 घंटे की उड़ान के बाद थके मांदे पेरिस पहुंचे थे। अगली सुबह हम एक पार्क गये औरContinue reading “पेरिस यात्रा: दूसरा दिन”

पेरिस ओलंपिक 2024 से जुड़ा मल विसर्जन आन्दोलन

मल विसर्जन आन्दोलन। क्या कभी आपने इस तरह के आन्दोलन के बारे में सुना है? नहीं न। तो सुनिए। पेरिस ओलंपिक 2024 से जुड़े मल विसर्जन आन्दोलन के बारे में जो जून 2024 में अंतरराष्ट्रीय पटल पर सुर्खियों में था। खेलों के शुरू होने से ठीक एक महीने पहले। असल में जब से ओलंपिक 2024Continue reading “पेरिस ओलंपिक 2024 से जुड़ा मल विसर्जन आन्दोलन”

वो युवक जिसने पेरिस में अपनी शादी रचाई होगी

मेरे मन में पेरिस से जुड़ी कहानियों की होड़ मची है। एक कहानी कह रही है मुझे निकालो, तो दूसरी कह रही मुझको कहो। कल देर रात हम फ्रांस में समुद्र पर बसे एक शहर की यात्रा से लौटे। वहां के मनोरम दृश्य और उनसे जुड़ी घटनाएं मन पर हावी थीं। पर अचानक आज सुबहContinue reading “वो युवक जिसने पेरिस में अपनी शादी रचाई होगी”

पेरिस में बच्चों ने मुझे कैसे ढूंढ़ा

बन्दना और बच्चों से अलग होने के बाद पेरिस के जिस मेट्रो स्टेशन पर मैं उतरा था उसका नाम है रिपब्लिक। यह पेरिस के एक महत्वपूर्ण स्मारक के बिल्कुल करीब है और उसका नाम भी रिपब्लिक (monument a la Republique) है। उसका निर्माण फ्रांसीसी क्रांति के 90वें सालगिरह के अवसर पर, 1879 में, हुआ था।Continue reading “पेरिस में बच्चों ने मुझे कैसे ढूंढ़ा”