एक अफगान चींटी

एक अफगान चींटी: रूसी कविता (1983)कवि: Yevgeny Yevtushenkoरूसी से अंग्रेजी: Boris Dralyukअंग्रेजी से हिंदी: Arun Jeeसोवियत अफगान युद्ध के संदर्भ में लिखी गई कविता एक अफगान चींटीएक रूसी जवान अफगान जमीं पर मरा पड़ा थाएक मुस्लिम चींटी उसके खूंटीदार गाल पर चढ़ी—इतनी मुश्किल चढ़ाई — काफी मेहनत के बाद वोसैनिक के चेहरे तक पहुंची, उसेContinue reading “एक अफगान चींटी”

मैया की कहानी, मैया की जुबानी 2

हमलोग चार भाई बहन थे— तीन बहन और एक भाई। तीनो बहनों में मैं सबसे छोटी थी और भाई हम सबसे छोटा। वह मुझसे आठ वर्ष छोटा है। उसके जन्म होने के पहले मैं घर में सबसे छोटी थी, सबकी लाड़ली भी। उस ज़माने में बेटे और बेटियों में बहुत भेद-भाव किया जाता था। वैसेContinue reading “मैया की कहानी, मैया की जुबानी 2”

e e cummings translated in Hindi

1 कौन जाने चाँद  कौन जाने चाँद  एक विमान हो,  जो खूबसूरत लोगों से भरे आसमान के एक सुन्दर से शहर से आये तुम्हें और हमें बिठाकर ले जाए फिर क्या  हम उड़ जाएं  ऊपर मंदिर, मस्जिद, गिरिजा घरों की अट्टालिकाओं सितारों और घटाओं से भी ऊपर, और ऊपर उड़कर हम पहुंच जाएं उस नैसर्गिकContinue reading “e e cummings translated in Hindi”

Demystifying Poetry

Why poetry I too dislike it: there are things that are important beyond all this fiddle.Reading it, however,with a perfect contemp for it,one discovers in it after all,a place for the genuine.Hands that can grasp, eyesthat can dilate, hair that can rise….. This is an extract from a poem on Poetry by Marianne Moore. SheContinue reading “Demystifying Poetry”